स्वास्थ्य

आखिर क्यों पड़ता है माइग्रेन अटैक? इन 9 तरीको से मिल सकती है राहत

Migraine बीमारी में होता है असहनीय सिर दर्द

आखिर क्यों पड़ता है माइग्रेन अटैक? इन 9 तरीको से मिल सकती है राहत

माइग्रेन Migraine एक ऐसी बीमारी है जिसमें असहनीय सिर दर्द (unbearable headache) होता है. आमतौर पर ये दर्द (headache) सिर के आधे हिस्से में होता है, लेकिन कभी-कभी ये सिर के पूरे हिस्से में भी फैल (spread) जाता है. माइग्रेन का दर्द किसी भी वक्त उठ सकता है, जिसे बर्दाश्त कर पाना बहुत मुश्किल होता है. आइए आज आपको कुछ ऐसी बातों के बारे में बताते हैं, जिनकी मदद से आपको माइग्रेन अटैक Migraine attack से राहत मिल सकती है.

Migraine की वजह को समझें-
माइग्रेन Migraine के अटैक से बचने के लिए सबसे पहले उन वजहों को पहचानना जरूरी है जो इसे ट्रिगर कर रही हैं. अपने सिरदर्द (headache) को कभी इग्नोर न करें और ये जानने की कोशिश करें कि आपको कब माइग्रेन (Migraine) का दर्द उठता है. तेज गंध, Dehydration, एल्कोहल का सेवन या बहुत ज्यादा स्ट्रेस (stress) की वजह से माइग्रेन का दर्द हो सकता है. कई बार मौसम बदलने या अन्य दूसरे कारणों से भी Migraine का दर्द आपको घेर सकता है. इसके बारे में अच्छे से जानने के बाद आप इससे बचने के बेहतर उपाय तलाश सकते हैं.

मासिक धर्म Menstrual cycle-
पुरुषों की तुलना में महिलाएं माइग्रेन Migraine का शिकार होती हैं. कुछ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि महिलाओं के माइग्रेन में मासिक धर्म Menstrual cycle की खास भूमिका हो सकती है. दरअसल कुछ महिलाओं को Migraine का दर्द पीरियड्स के दौरान ही होता है. एक्सपर्ट मानते हैं कि पीरियड्स के दौरान प्रोजेस्टेरॉन और एस्टेरॉजेन नाम के हार्मोन्स के लेवल में काफी उतार-चढ़ाव माइग्रेन के दर्द को ट्रिगर कर सकता है. इसके बारे में आपको डॉक्टर से सलाह अवश्य लेनी चाहिए.

शोर-शराबे से रहे दूर रहें
कई बार तेज लाइट या शोरगुल भी माइग्रेन Migraine के दर्द को ट्रिगर कर सकता है. ऐसे में शांत माहौल भी सिरदर्द में आपके लिए बाम की तरह काम कर सकता है. माइग्रेन Migraine का अटैक पड़ने पर घर में ऐसी जगह ढूंढें जहां शांति हो. आप किसी पब्लिक लाइब्रेरी (public library)या शांत माहौल वाली जगहों पर भी जा सकते हैं.

पौष्टिक आहर ग्रहण करें-
क्या आप जानते हैं कि, कुछ लोगों में खाना छोड़ने की वजह से भी Migraine का दर्द बढ़ता है. एक्सपर्ट मानते है कि हर किसी को हेल्दी डाइट (healthy diet) के लिए समय निकालना चाहिए, जो आपके Energy level को बूस्ट करता है. आपको अपने साथ हमेशा ऐसे healthy स्नैक्स रखने चाहिए, जो आसानी से आपके बैग, पर्स, कार या ऑफिस के ड्रॉअर में आ सकें.

Migraine को रोकथाम के विकल्प
अगर आपको महीने में कम से कम 15 दिन तक Migraine का दर्द रहता है, तो डॉक्टर्स आपको ‘क्रॉनिक माइग्रेन प्रीवेंशन मेडिकेशन’ का सुझाव दे सकते हैं. Migraine की रोकथाम के लिए कई उपचार हैं. आपको बोटुलिनम टॉक्सिन के Injection दिए जा सकते हैं जो आपके सिर में दर्द (headache) को एक्टिवेट होने से रोक सकते हैं.

यह दवाईयां दे सकती है आराम
आपको उन चार नई दवाओं drugs में से कोई एक आराम दे सकती है, Migraine के दर्द को बढ़ाने वाले प्रोटीन को टारगेट करती हैं. इन्हें सीजीआरपी अवरोधक कहा जाता है. इनमें erenumab, galcanezumab और fremanezumab दवाओं को इंजेक्शन के माध्यम से दिया जाता है, जबकि चौथी और नई दवा का नाम eptinezumab है.

सस्ती दवाएं भी दिखाती हैं कमाल-
Migraine के शॉर्ट टर्म और हल्के दर्द से राहत पाने के लिए आप aspirin या ibuprofen जैसी दवाओं का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा acetaminophen और combines caffeine जैसे पेन रिलीवर भी आपकी दिक्कत कम कर सकते हैं. लेकिन दर्द ज्यादा होने पर आपको rizatriptan और sumatriptan जैसी कुछ खास दवाओं की जरूरत पड़ सकती है. जो सिर में दर्द के रास्ते को ब्लॉक करने का काम करती हैं.

नींद पूरी लेने से मिलती है राहत –
किसी इंसान के लिए पर्याप्त नींद आपकी सोच से भी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है. बहुत कम लोग ये बात जानते हैं कि नींद की कमी से भी कुछ लोगों में Migraine का दर्द बढ़ता है. अगर आपके साथ भी ये समस्या है तो अपनी स्थिति को बेहतर बनाने का काम करें. आपको अपने सोने-जागने के शेड्यूल पर काम करना चाहिए और पर्याप्त नींद लेने की पूरी कोशिश करनी चाहिए.

परिवार की भी लें मदद-
माइग्रेन Migraine के दर्द में परिवार का छोटा सा सहयोग भी आपको बड़ी राहत दे सकता है. जिस वक्त आपको ये दर्द उठता है तो परिवार को काम की तमाम जिम्मेदारी संभालनी चाहिए. इससे न सिर्फ आपका स्ट्रेस कम होगा, बल्कि शरीर को पर्याप्त आराम मिलने से माइग्रेन के दर्द में राहत भी मिलेगी.

कैसे करें स्वयं की देखभाल-
ध्यान रखें कि स्ट्रेस एक कॉमन Migraine ट्रिगर है. काम के साथ-साथ माइग्रेन को मैनेज करने से भी तनाव बढ़ सकता है. कोशिाश करें कि अपने दिमाग पर और किसी चीज का बोझ ना बढ़ने दें. इसकी बजाए जिन चीजों से आपका स्ट्रेस लेवल कम हों, उनको प्राथमिकता दें. गहरी-लंबी सांस, बायोफीडबैक एक्सरसाइज या वर्कआउट स्ट्रेस कम करने के लिए मददगार हो सकते हैं. आप चाहें तो पसंदीदा म्यूजिक या मेडिटेशन की मदद से भी इसे कम कर सकते हैं.

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