महाराष्ट्र

रेप करने वालों को अब मिलेगा मृत्युदंड

 

समाज में महिलाओं और बच्चियों के साथ बढ़ रही छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न की घटनाओं को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। इसके लिए महाराष्ट्र सरकार ऐसा कानून बनाने जा रही है, जिससे रेप करने वालों पर सीधा मृत्युदंड का प्रावधान होगा। महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट से इस बिल को मंजूरी दी जा चुकी है। जल्द ही यह बिल विधान सभा में पेश किया जाएगा।

महाराष्ट्र के गृह मंत्री (Home Minister of Maharashtra) अनिल देशमुख ने बताया कि कैबिनेट मंत्रिमंडल ने की बैठक में ‘शक्ति एक्ट’ विधेयक को मंजूरी दी गई है। इस विधेयक के अनुसार रेप के मामले में दोषी पाए जाने पर वाले अपराधी को मृत्युदंड, आजीवन कारावास और भारी जुर्माना की व्यवस्था की गई है। बताया कि इस अधिनियम में प्लास्टिक सर्जरी और चेहरे के पुनर्निर्माण के लिए एसिड अटैक पीड़िता को 10 लाख रुपए की राशि दी जाएगी और आरोपी से जुर्माना वसूला जायेगा। इस कानून के तहत महिला उत्पीड़न मामलों को 21 दिन के अंदर करवाई का प्रावधान करके फास्ट ट्रैक पर लाया जाएगा।

महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री यशोमति ठाकुर ने सरकार के इस फैसले को ऐतिहासिक बताया है। कहा कि सरकार के इस फैसले से महिलाओं-बच्चियों पर हिंसा करने वालों में भय बढ़ेगा।

तीन सालों में महिला क्रूरता बढ़ी
वर्ष 2019 -20 की आर्थिक रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र में वर्ष 2017 में 4320, वर्ष 2018 में 4974 और वर्ष 2019 में 5412 रेप के मामले सामने आए हैं। इन तीन सालों में महाराष्ट्र में यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और पति या ससुरालवालों की क्रूरता की शिकार बनी महिलाओं की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। महिला अपराध का ग्राफ कम होने की बजाए लगातार ऊपर जा रहा है।

शोशल मीडिया पर दुर्व्यवहार पर भी सजा
शक्ति कानून के तहत अगर किसी के द्वारा सोशल मीडिया सहित संचार के किसी भी माध्यम के जरिए महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार या शोषण के मामले सामने आते हैं, तो ऐसे में 2 साल की सजा और 1 लाख रुपये का जुर्माना की सजा का प्रावधान रखा गया है। यहां तक कि इन मामलों में मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर्स और सरकारी कर्मचारी द्वारा जांच में सहयोग नहीं किए जाने पर उन पर भी जुर्माना या जेल भेजा जा सकता है।

‘शक्ति’ कानून से क्या होंगे बदलाव
1. रेप के गंभीर और घृणित मामलों में सीधे मौत की सजा का प्रावधान।
2. रेप मामलों में जांच के लिए 15 दिनों की समय सीमा तय।
3. योग्य कारण का हवाला देने पर सात दिन बढ़ाकर दिए जाएंगे।
4. रेप मामलों की चार्जशीट दाखिल होने के बाद कोर्ट में रोजाना सुनवाई होगी, जो कि 30 दिनों में पूरी करनी होगी। कोर्ट से सुनवाई के 45 दिनों के भीतर केस की फाइल पूरी कर ली जाएगी।

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