Bhaskar News Agency
Nov 01, 2019
फर्रुखाबाद (के.पी सिंह) रोडवेज बसों के चालक-परिचालकों की मनमानी का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। कम दूरी की सवारियों को नहीं बैठाया गया। इससे उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। सबसे ज्यादा मुसीबत बच्चों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है।
दिवाली, भाईदूज और उसके बाद छठ पूजा उत्सव होने की वजह से यात्रियों की खासी संख्या रही। रोडवेज बस स्टैंड पर सैकड़ों यात्री घंटों भटकते रहेे। मोहम्मदाबाद, बेवर, भोगांव, जलालाबाद, कायमगंज, अलीगंज, एटा आदि स्थानों पर जाने वाली महिलाएं, पुरुष और बच्चों को घंटों बाद भी रोडवेज बस स्टैंड पर सवारियां नहीं मिलीं। ऐसा नहीं कि इन रूटों पर बसें नहीं गईं, मगर आगरा, इटावा, दिल्ली, बरेली जाने वाली बसें आईं, तो उनके चालक और परिचालकों ने लंबी दूरी की सवारियों को सबसे पहले बैठाया। इन यात्रियों की संख्या इतनी ज्यादा रही कि बसों में बीच के स्थानों की सवारियों को चालक और परिचालकों ने बैठाने से इनकार कर दिया।
हालत यह रही कि कानपुर, इटावा, औरैया, देहरादून आदि रूटों से आने वाली बसें बाहर से ही यात्रियों को बैठाकर रवाना हो गईं। इससे अंदर बैठे या त्री इंतजार ही करते रहे। देर शाम तक यात्री भटकते रहे।
60-65 सवारियां लेकर बसें हुईं रवाना एआरएम अंकुर विकास ने बताया कि बस स्टैंड पर भीड़ ज्यादा रही। छठ पूजा और दिवाली उत्सव की वापसी का असर रहा। सभी बसों में 60-65 यात्रियों को भरकर भेजा गया। जिस रूट पर दिक्कत थी, वहां के लिए बस की व्यवस्था की गई।