गुजरात में आर्थिक आरक्षण आज से शुरू, मुख्यमंत्री ने बताया ऐतिहासिक निर्णय

नई दिल्ली। मोदी सरकार की ओर से सामान्य वर्ग के गरीब अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण का कानून बनाने के बाद गुजरात इसे लागू करने वाला पहला राज्य बनेगा।

गुजरात सरकार आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में सोमवार से 10 फीसद आरक्षण देने जा रही है। संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन कर पिछले दिनों केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए भी आरक्षण का रास्ता साफ कर दिया था।

मुख्यमंत्री रूपाणी ने आर्थिक आधार पर आरक्षण को आजादी के बाद का बड़ा ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए इसे 14 जनवरी से लागू करने का एलान किया है। इस बीच, कांग्रेस ने आर्थिक आधार पर आरक्षण देने के गुजरात सरकार के फैसले की आलोचना की है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सात जनवरी को आरक्षण के बिल को मंजूरी दी थी। इसे आठ जनवरी को लोकसभा और नौ जनवरी को राज्यसभा से पास किया गया। गुजरात में अप्रैल 2015 से ही पाटीदार समाज आरक्षण की मांग कर रहा है।

राजस्थान में गुर्जर, महाराष्ट्र में मराठा और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में सवर्ण समुदाय आरक्षण की मांग करता आ रहा है। अब आर्थिक आधार पर 10 फीसद आरक्षण लागू किए जाने के बाद पाटीदार समाज के कुछ लोग ओबीसी के तहत आरक्षण की मांग फिर उठा रहे हैं।

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